ऊंची जोखिम और ऊंचे रिटर्न
ऊंची जोखिम और ऊंचे रिटर्न-डीएसपी एमएल टेक्नालाजी डाट काम फंड
आलोक पुराणिक
तकनीक, साफ्टवेयर, इंटरनेट से जुड़ी तकनीकों से संबंधित कंपनियों के भावों को लेकर बाजार में बहुत अनिश्चितता रहती है। वैसे तो पूरा शेयर बाजार ही विकट अनिश्चितता का केंद्र पर है, तकनीक से जुड़ी कंपनियों को लेकर अनिश्चितता कुछ विशिष्ट वजहों से होती है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की किसी भी कंपनी के पास न्यूनतम भौतिक संपत्ति होती है। जैसे किसी टैक्सटाइल कंपनी के पास जमीन होती है, प्लांट होता है। मशीनरी होती है। डूबती कंपनी को यह सब बेच-बाचकर भी मोटी रकम खऱीद सकती है। उदाहरण के लिए कई कंपनियां ऐसी हैं, जिनके कामकाज की स्थिति बहुत जोरदार नहीं है, पर बाजार में उनकी पूछ बनी हुई है। जैसे बांबे डाइंग कंपनी का कारोबार अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बहुत जोरदार नहीं है, पर इसके पास मुंबई में इतनी पुरानी जमीन है, उसी से मोटी रकम उगाही जा सकती है।
पर तकनीक से जुड़ी कंपनियों के पास जमीन-जायदाद नहीं होती। वो तो दो कमरों से ही काम शुरु कर सकती हैं। सफलतम कंपनियों में से एक इनफोसिस ने ऐसा ही कुछ किया था। इसलिए अगर तकनीक से जुडी कंपनियां सफल होती हैं, तो अपने निवेशकों को बहुत खुश करती हैं, और अगर डूबती हैं, तो फिर उनका अता-पता भी बाजार में किसी को मालूम नहीं हो पाता।
यानी तकनीक से जुड़ी कंपनियों में निवेश ऊंचे जोखिम और ऊंचे रिटर्न वाला काम है। यह समीकरण ऊँचा जोखिम और बहुत घाटे में भी तबदील हो सकता है।
डीएसपीएमएल मुचुअल फंड का टेक्नालोजी डाट काम ऐसी ही तकनीक, इंटरनेट, केंद्रित कंपनियों में निवेश के लिए संयोजित किया गया है। इसके हाल के रिटर्न के आंकड़े इस प्रकार हैं-
2 जुलाई 2007 को टेक्नोलाजी डाट काम के रिटर्न
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साफ होता है कि एक साल में इसने 91.37 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस रिटर्न के लिए एक ही शब्द है-धांसू। इतना रिटर्न किसी फंड के लिए दे पाना आसान नहीं है। तीन सालों का हिसाब किताब देखें, तो भी साफ होता है कि इसने सालाना रिटर्न 57.44 प्रतिशत दिया है।
पर सिर्फ इन आंकड़ों से खुश होने की जरुरत नहीं है। कुछ और आंकड़े हैं।
इस फंड की शुरुआत 10 अप्रैल, 2000 में की गयी थी।
तब से लेकर अब तक के रिटर्न का हिसाब लगाया जाये, तो करीब सात सालों में इसने सालाना करीब 16.3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यह रिटर्न बहुत अच्छा नहीं माना जा सकता।
अब सारे आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो साफ होता है कि इस फंड के शुरुआती साल अच्छे नहीं गुजरे, पर हाल के सालों में इस फंड ने धुआंधार परफारमेंस दी है।
यह अनिश्चिचता तकनीक से जुड़े तमाम फंडों में होती है।
इसका मतलब यह है कि चुनिंदा सेक्टरों पर फोकस होने वाले फंड सामान्य फंडों के मुकाबले ज्यादा जोखिम वाले होते हैं, यह अलग बात है कि इनमें रिटर्न भी कई बार बहुत ज्यादा होते हैं।
तो जोखिम को कुछ ज्यादा मात्रा में झेलने की आदत रखने वाले इस फंड में निवेश की सोच सकते हैं।
2 जुलाई, 2007 को इस फंड का एनएवी यानी नेट एसेट वैल्यू 29.34 रुपये थी। 31 मई, 2007 को इस फंड में करीब 102 करोड़ रुपये की राशि निवेशित की जा चुकी थी।
31 मई, 2007 को इस फंड की शीर्ष होल्डिंग -उद्योगवार
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कंप्यूटर साफ्टवेयर और शिक्षा |
53.1855 प्रतिशत |
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मनोरंजन |
17.91 प्रतिशत |
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टेलीकाम |
14.91 प्रतिशत |
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कंप्यूटर हार्डवेयर |
6.70 प्रतिशत |
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प्रिंटिंग और स्टेशनरी |
1.44 प्रतिशत |
पर इस फंड में निवेश करने वालों को अनिश्चितता का सामना करने की आदत होनी चाहिए, वरना वे परेशान हो सकते हैं।
आलोक पुराणिक एफ-1 बी-39 रामप्रस्थ गाजियाबाद-201011 मोबाइल-9810018799


क्भी कभी झांकते हैं इधर लगता है हमें भी कुछ रकम बचानी चाहिए ताकि निवेश पर विचार करें।
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मतलब
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hindi me vo bhi nivesh ki jaan kari bhot khub . hindi paparo me abhi bhi economix or science ki khabaro ka star nahi sudhra inse kuch nahi samjh aata . net par dekhkar parsannnta huee . ves eaapke adgum badgum sheli ke lekh to hindustaan me kee baar padhe he koi aarthiki lekh nahi padhaa . net par mehnat karne ke liye dhnyavaad .