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पूरी सेनसेक्स को ही खरीदिये ना

पूरी सेनसेक्स को ही खऱीद सकते हैं आप

            आलोक पुराणिक

      भारतीय शेयर बाजारों की सबसे ज्यादा पापुलर इंडेक्स है सेनसेक्स। सेनसेक्स यानी सेंसिटिव इंडैक्स। मुंबई शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव दिखाने वाली यह इंडेक्स  तीस शेयरों पर आधारित है। यह शेयर देश की बेहतरीन कंपनियों के हैं। सेनसेक्स में शामिल होना किसी भी शेयर के लिए सम्मान की बात है। यह सम्मान अपने क्षेत्र की अगुआ कंपनियों को ही मिल पाता है।

      उदाहरण के लिए सेनसेक्स में इनफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्री, आईसीआईसीआई जैसी कंपनियां शामिल हैं। सेनसेक्स का ग्राफ हालके सालों में बहुत तेजी से चढ़ा है। 15 जनवरी, 2007 को सेनसेक्स 14,129.60  बिंदुओं पर बंद हुआ, यही सेनसेक्स जून 2006 में नौ हजार के स्तर तक भी चुका है। मोटे तौर पर कहा जा सकता है कि जिसने सेनसेक्स में जून में नौ हजार के स्तर पर निवेश किया होता, उसके निवेश में अब तक करीब 57 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो चुकी होती। करीब सात महीनों में 57 प्रतिशत का रिटर्न कम नहीं होता। पर सवाल यह है कि क्या सेनसेक्स में निवेश किया जा सकता है। इसका जवाब यह है कि सेनसेक्स में भी निवेश किया जा सकता है। पूरी सेनसेक्स बतौर शेयर बाजार में उपलब्ध है और इसकी खरीद-फरोख्त बतौर शेयर होती है। इस शेयर को संक्षेप में कहते हैं-स्पाइस यानी सेनसेक्स आधारित प्रूडेंशियल आईसीआईसीआई फंड। यह शेयर मुंबई शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। मुंबई शेयर बाजार में इसका स्क्रिप कोड है-555555, इस फंड में निवेश यानी एक साथ सेनसेक्स की सारी कंपनियों में एक साथ निवेश। सेनसेक्स में निवेश का फायदा यह है कि निवेशक इस चिंता से मुक्त हो सकता है कि उसने अच्छी कंपनियों में निवेश किया है या घटिया कंपनियों में। सेनसेक्स कंपनियों में निवेश का अर्थ है-एक न्यूनतम गुणवत्ता वाली कंपनी में निवेश।

      मोटे तौर पर सेनसेक्स के कैलकुलेशन यूं समझे जा सकते हैं। सेनसेक्स कब कितना बढ़ेगा या घटेगा, इसका अनुमान लगाना खासा जोखिम का काम है। फिर भी अगर यह अनुमान लगाया जाये कि सेनसेक्स अगर हर साल बीस प्रतिशत

मुंबई शेयर बाजार

की दर से बढ़ता रहा, तो छह साल बाद यह 41,800 बिंदुओं पर पहुंचेगा। गौरतलब है कि सेनसेक्स की बढ़ने की रफ्तार 2006 में चालीस फीसदी से ज्यादा रही है। बीस प्रतिशत सालाना का अनुमान बहुत ज्यादा नहीं है, यह देखते हुए कि सकल घरेलू उत्पाद में आगामी वर्षों में दस प्रतिशत सालाना की बढ़ोत्तरी अनुमानित है।

      अब के करीब चौदह हजार बिंदुओं से अगर छह साल बाद के संभावित 41,800 बिंदुओं की तुलना करें, तो सेनसेक्स करीब तीन गुने स्तर पर पहुंचा दिखायी देता है। यानी छह साल में सेनसेक्स में निवेश करीब दो गुने का प्रतिफल दे सकता है। सेनसेक्स में निवेश दूसरे शेयरों में निवेश के मुकाबले दो वजहों से  सुरक्षित है। एक तो इसमें निवेश करते ही कई शेयरों में निवेश हो जाता है। दूसरे सेनसेक्स शेयरों में निवेश का मतलब स्तरीय निवेश होता है। तो पूरी सेनसेक्स को खरीद पाना अब संभव है।

      स्पाइस में निवेश करके सेनसेक्स में निवेश के विकल्प पर निवेशक विचार कर सकते हैं। 

      स्पाइस

में निवेश करने के लिए डीमैट खाते का होना जरुरी है क्योंकि स्पाइस एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है यानी एक ऐसा फंड ज

जिसे नियोजित तो मुचुअल फंड ने किया है, पर इसकी खरीद-फरोख्त बतौर शेयर होती है।

     

      सेनसेक्स आधारित शेयर में निवेश का एक फायदा यह है कि सेनसेक्स का विश्लेषण इतने तरीकों से इतने विद्वानों द्वारा क

किया जाता है कि निवेशक तो तरह-तरह के विश्लेषण उपलब्ध हो सकते हैं। सेनसेक्स आधारित शेयर में निवेश करने का एक फायदा यह है कि सेनसेक्स सूचकांक विदेशी निवेशकों के आकर्षण का भी केंद्र होता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों के आकर्षण का केंद्र सेनसेक्स सूचकांक होता है। सो कुल मिलाकर शेयर बाजार में अगर बढ़ोत्तरी होती है, तो सेनसेक्स में बढ़ोत्तरी भी संभावित है।      सेनसेक्स में निवेश का जोखिम यह है कि किसी भी शेयर की तरह सेनसेक्स गिरता भी है। सेनसेक्स एक दिन में हजार बिंदु भी गिर सकता है। इसके उलट एक दिन में यह एक हजार बिंदु बढ़ भी स

कता है। पर यह जोखिम तो हर शेयर में है। मोटे तौर पर यह कहा जा सकता है कि दीर्घकाल के लिए निवेश करने वाले निवेशक इसमें अच्छे प्रतिफल की उम्मीद कर सकते हैं।

      आलोक पुराणिक एफ-1 बी-39 रामप्रस्थ गाजियाबाद-201011

      मोबाइल-9810018799

 

       

       

 

 

 

June 7, 2007 - Posted by smartnivesh | Uncategorized | | No Comments Yet

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